गज़ल: वफ़ा/ Ghazal: Fidelity

  ये इल्तिज़ा है तुमसे, हमें याद तुम न करना और हम भूल जाएँ तुमको, ये भी दुआ न करना   है नहीं मोहब्बत हमसे, ये इल्म तो हमें है पर अक्स आईने में कभी तुम न ढूँढा करना   हुस्न-ओ-जमाल-ए-दिल से वाक़िफ हैं हम तुम्हारे कोई और हो वाबस्ता, ये उम्मीद तुम न करना … Read more