ALS NaPoWriMo Day 14: Little Joys of Life Today we complete two weeks of poetry marathon! Isn’t it a moment worth celebrating? We keep waiting in our lives for special or big occasions for celebration while forgetting that life itself is a reason enough for...
तुम और मैंजैसे कागज़ पर लिखी एक हसीन कविताकुछ एहसासात बिखेरती हुईकुछ लम्हों को अलफ़ाज़ में पिरोती हुईदिल के तारों को छूती हुईख़्वाबों को आँखों में सजाती हुईजीने की इक आस जगाती हुई … तुम और मैंजैसे सावन की पहली बरसातजैसे सर्दी में धूप का एहसासजैसे सागर का आलिंगन करता...
ये इल्तिज़ा है तुमसे, हमें याद तुम न करना और हम भूल जाएँ तुमको, ये भी दुआ न करना है नहीं मोहब्बत हमसे, ये इल्म तो हमें है पर अक्स आईने में कभी तुम न ढूँढा करना हुस्न-ओ-जमाल-ए-दिल से वाक़िफ हैं हम तुम्हारे कोई और हो वाबस्ता, ये उम्मीद तुम न करना...