तुम और मैं

तुम और मैं

तुम और मैंजैसे कागज़ पर लिखी एक हसीन कविताकुछ एहसासात बिखेरती हुईकुछ लम्हों को अलफ़ाज़ में पिरोती हुईदिल के तारों को छूती हुईख़्वाबों को आँखों में सजाती हुईजीने की इक आस जगाती हुई … तुम और मैंजैसे सावन की पहली बरसातजैसे सर्दी में धूप का एहसासजैसे सागर का आलिंगन करता...

गज़ल: वफ़ा/ Ghazal: Fidelity

  ये इल्तिज़ा है तुमसे, हमें याद तुम न करना और हम भूल जाएँ तुमको, ये भी दुआ न करना   है नहीं मोहब्बत हमसे, ये इल्म तो हमें है पर अक्स आईने में कभी तुम न ढूँढा करना   हुस्न-ओ-जमाल-ए-दिल से वाक़िफ हैं हम तुम्हारे कोई और हो वाबस्ता, ये उम्मीद तुम न करना...

तेरा प्यार / Your Love

  तेरे आने से पहले जो गुलिस्तां महकते हैं तेरे जाने के बाद वो मुरझा जाते हैं बहुत समझाया दिल को मगर न जाने क्यूँ आँखों से आँसू आ ही जाते हैं                                     ©वन्दना भसीन   English Translation:   The gardens that efflorescence at the...